जानिए आखिर Solana क्या है और यह किस तरह से काम करता है?
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जानिए आखिर Solana क्या है और यह किस तरह से काम करता है?

Solana एक ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म है, जो डिसेंट्रलाइज्ड एप्लिकेशंस (dApps) और क्रिप्टोकरेंसी के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सस्ते और तेज ट्रांजैक्शन की सुविधा देना है। यह प्लेटफ़ॉर्म अपनी इन्ही दो सुविधाओं के कारण लोकप्रिय है। Proof of Stak मैकेनिज्म का उपयोग करने वाले SOL की नेटिव करेंसी SOL है, जिसे Solana Labs ने वर्ष 2020 में लॉन्च किया था।

वहीँ Solana Labs के संस्थापक Anatoly Yakovenko और Raj Gokal हैं, जिन्होंने वर्ष 2018 में फर्म की स्थापना की थी। Solana ने अपने लॉन्च के साथ स्केलेबिलिटी की समस्या को हल किया, जिससे लगभग सभी ब्लॉकचेन प्लेटफ़ॉर्म को दोचार होना पड़ता है। 

साफ शब्दों में कहा जाए तो सोलाना एक ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म है, जिसे स्केलेबल, डिसेंट्रलाइज्ड एप्लिकेशन की होस्टिंग के लिए डिजाइन किया गया है। SOL पर-सेकेंड कई अधिक ट्रांजैक्शन संसाधित करने में सक्षम है और अन्य ब्लॉकचेन की तुलना में काफी कम ट्रांजैक्शन फीस लेता है। गौरतलब है कि Solana Blockchain प्रति सेकंड हजारों ट्रांज़ैक्शन को हेंडल कर सकती है, जो अन्य ब्लॉकचेन नेटवर्क की तुलना में इसकी अधिक स्केलेबिलिटी को दर्शाता है। सोलाना के द्वारा प्रति सेंकेंड हजारों ट्रांजैक्शन को हेंडल करने के पीछे इसका यूनिक आर्किटेक्चर और टेक्नीकल डिजाइन है।

Solana कैसे काम करता है?

Solana का डिजाइन ब्लॉकचेंज सॉफ्टवेयर के चलते होने वाली परफॉर्मेंस एरर को दूर करने के लिए एल्गोरिदम का यूज़ करता है। जो Solana को सिक्योर, स्केलेबल और डिसेंट्रलाइज्ड बनता है। Solana Blockchain प्रूफ-ऑफ-हिस्ट्री (PoH) और प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) दोनों ही कंसेंसस मॉडल पर वर्क करती है।

जहाँ POS, ब्लॉकचेन लेजर में एड किए गए ट्रांजैक्शन को वेलिडेट करने वाले वेलिडेटर्स को उनके पास मौजूद कॉइन या टोकन की संख्या के आधार पर ट्रांजैक्शन को वेलिडेट करने की अनुमति प्रदान करता है, जबकि POH इन ट्रांजैक्शन को टाइमस्टैम्प करने अर्थात टाइम को एक क्रम में रखने की प्रोसेस को फास्ट और एफिशिएंस करता है तथा स्पीड से वेलिडेट करने की परमिशन देता है। इससे ब्लॉकचेन को अधिक थ्रूपुट मिलता है।  

Solana कैसे काम करता है?

Solna Blockchain से जुड़ी कुछ मुख्य बातें 

Anatoly Yakovenko ने वर्ष 2017 में एक वाइट पेपर पब्लिश कर प्रूफ-ऑफ-हिस्ट्री (PoH) कॉन्सेप्ट को डिस्क्राइब किया था।  2018 में Yakovenko ने लूम नामक एक प्रोजेक्ट की स्थापना की, जिसका नाम बाद में बदलकर Solana कर दिया गया। यह नाम सैन डिएगो के पास समुद्र तट पर बसे एक छोटे से शहर के नाम पर रखा गया था। जानकारी के लिए बता दे कि Anatoly Yakovenko इसी शहर में रहते थे। इसी वर्ष जून में सोलाना प्रोजेक्ट को क्लाउड-बेस्ड नेटवर्क पर चलाने के लिए बढ़ाया गया और ठीक एक महीने के बाद फर्म ने एक पब्लिक टेस्टनेट पब्लिश किया, जो उस समय 250,000 TPS के बर्स्ट को सपोर्ट करता था।

जानकारी के लिए बता दे कि वर्ष 2020 में Solana का पहला ब्लॉक बनाया गया था। इसके बाद Solana क्रिप्टोकरेंसी मार्केट की उन ब्लॉकचेन में से एक बन गयी जिसकी तुलना Ethereum Blockchain से की जाती हैं, जो Bitcoin के बाद दूसरी सबसे बड़ी ब्लॉकचेन हैं।

वर्तमान में सोलाना क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में एक ऐसी ब्लॉकचेन के रूप में उभरा है, जो अन्य टोकन को बिल्ट करने के लिए एक अच्छे और सस्ते प्लेटफ़ॉर्म की तरह कार्य करता हैं। वर्ष 2021 में सोलाना को काफी लोकप्रियता मिली थी, जिसके पीछे का कारण ब्लॉकचेन की फ़ास्ट ट्रांजैक्शन स्पीड और कम लागत थी। जिसके चलते इसने उन डेवलपर्स को भी आकर्षित किया जो पहले एथेरियम का उपयोग कर रहे थे। 

कन्क्लूजन 

Solana एक सुरक्षित और स्केलेबल ब्लॉकचेन है तथा तेजी के साथ कई सारे ट्रांजैक्शन को हेंडल कर सकता है।  यह विशेष रूप से हाई-परफॉर्मेंस dApps और क्रिप्टोकरेंसी के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी प्रूफ ऑफ हिस्ट्री टेक्नोलॉजी के साथ इसकी कम ट्रांज़ैक्शन फ़ीस इसे अन्य ब्लॉकचेन प्लेटफ़ॉर्म से अलग बनाती है।

इसका स्केलेबल आर्किटेक्चर इसे फ्यूचर के डिसेंट्रलाइज्ड एप्लिकेशन और सर्विस के लिए एक आदर्श ब्लॉकचेन बनाता है। वर्तमान में Solana की कम्युनिटी तेजी से बढ़ रही है और इसका इकोसिस्टम कई प्रोजेक्टस और डेवलपर्स द्वारा समर्थित है। दिन प्रतिदिन इसका डेवलपमेंट भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे Solana वर्तमान में ब्लॉकचेन इंडस्ट्री में एक बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका में है। ऐसे में उम्मीद यही की जा सकती है कि आने वाले भविष्य में जब ब्लॉकचेन एडॉप्शन अपने पीक पर होगा, तब Solana सबसे बेहतर ब्लॉकचेन बनकर उभरेगा। 

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Rohit Tripathi

रोहित त्रिपाठी एक सीनियर क्रिप्टो कंटेंट राइटर और ब्लॉकचेन रिसर्चर हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में 13+ वर्षों का अनुभव है। बीते कुछ वर्षों से वह विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, ऑन-चेन एनालिटिक्स, DeFi इकोसिस्टम और टोकनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। रोहित की विशेषज्ञता SEO-अनुकूल, डेटा-ड्रिवन कंटेंट और इंडस्ट्री-केंद्रित रिसर्च लेख तैयार करने में है।

वह वर्तमान में Crypto Hindi News में टीम लीड और हेड ऑफ कंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखनी में एक्यूरेसी, ट्रांसपेरेंसी और रीडर्स को वैल्यू देना सर्वोपरि है। वे ऑन-चेन टूल्स और विश्वसनीय मार्केट डेटा का प्रयोग करते हुए प्रत्येक लेख को फैक्ट-आधारित बनाते हैं। हिंदी भाषी रीडर्स के लिए उनका मिशन है: “हाई-क्वालिटी, फैक्चुअल और यूज़र-फर्स्ट क्रिप्टो कंटेंट उपलब्ध कराना।”

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