Coinbase Hack Update, डेटा ब्रीच को लेकर जांच कर रहा है DOJ

Published at
Coinbase Hack Update

Crypto Exchange Coinbase एक बड़े साइबर स्कैंडल में फंसता दिखाई दे रहा है। जहाँ मामले में अब US Department of Justice (DOJ) की एंट्री हो चुकी है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अब Coinbase की Indian Customer Service Agency के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर रहा है, जिन्होंने कथित रूप से घूस लेकर साइबर अपराधियों को यूजर्स की निजी जानकारी तक पहुंचने दिया। जिसके चलते Coinbase Hack की घटना हुई थी।

क्या है मामला?

19 मई को Bloomberg द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, DOJ इस डेटा ब्रीच की जांच कर रहा है, जिसे Coinbase ने 15 मई को सार्वजनिक किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, Coinbase के कुछ कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कस्टमर सर्विस एजेंट्स ने अपने एक्सेस का गलत इस्तेमाल करते हुए यूजर डेटा चुरा लिया। इन एजेंट्स को अब कंपनी से निकाल दिया गया है।

Coinbase के चीफ लीगल ऑफिसर, पॉल ग्रेवॉल ने कहा कि कंपनी ने DOJ और अन्य अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों को इस घटना की जानकारी दी है और वह दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का स्वागत करेगी।

कितना बड़ा है नुकसान?

हालांकि कंपनी का कहना है कि “कोई पासवर्ड, प्राइवेट की या फंड एक्सपोज़ नहीं हुए”, लेकिन इस डेटा ब्रीच के चलते कई यूजर्स सोशल इंजीनियरिंग अटैक्स का शिकार हुए। हाल ही में जारी हुए Coinbase Hack Update में कहा गया है कि एक प्रमुख वेंचर फर्म Sequoia Capital के पार्टनर सहित कई हाई-प्रोफाइल लोग इस हमले की चपेट में आए।

इन हमलों में करीब $400 मिलियन (लगभग ₹3,300 करोड़) तक का नुकसान होने का अनुमान है। इतना ही नहीं, हमलावरों ने Coinbase से $20 मिलियन की फिरौती भी मांगी थी, बदले में उन्होंने डेटा लीक न करने की धमकी दी थी। हालांकि, Coinbase ने यह मांग ठुकरा दी।

यूजर्स की नाराजगी और कानूनी कार्रवाई

डेटा ब्रीच और सोशल इंजीनियरिंग अटैक्स के चलते कई Coinbase Users अब कंपनी पर मुकदमा कर रहे हैं। यूजर्स का आरोप है कि कंपनी ने उनकी निजी जानकारी की सुरक्षा में लापरवाही बरती। एक केस में Ed Suman नामक एक रिटायर्ड आर्टिस्ट ने $2 मिलियन (₹16.5 करोड़ से अधिक) गवाने का दावा किया है।

Coinbase पर और भी दबाव

इस डेटा ब्रीच की खबर के साथ-साथ Coinbase पहले से ही US Securities and Exchange Commission (SEC) की एक अन्य जांच का सामना कर रहा है। SEC कथित तौर पर Coinbase द्वारा रिपोर्ट किए गए “वेरिफाइड यूजर” आंकड़ों की भी समीक्षा कर रहा है।

इन घटनाओं के चलते Coinbase के शेयरों की कीमत में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कन्क्लूजन 

Coinbase जैसी बड़े और प्रतिष्ठित क्रिप्टो एक्सचेंज पर इस तरह का डेटा ब्रीच न केवल उसके यूजर्स के लिए चिंता का विषय है, बल्कि पूरे Web3 और क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए भी एक चेतावनी है। अब DOJ की जांच से आने वाले समय में और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

लेखक परिचय
Rohit Tripathi Hindi News Writer

रोहित त्रिपाठी एक सीनियर क्रिप्टो कंटेंट राइटर और ब्लॉकचेन रिसर्चर हैं, जिनके पास टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया में 13+ वर्षों का अनुभव है। बीते कुछ वर्षों से वह विशेष रूप से क्रिप्टोकरेंसी, ऑन-चेन एनालिटिक्स, DeFi इकोसिस्टम और टोकनॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। रोहित की विशेषज्ञता SEO-अनुकूल, डेटा-ड्रिवन कंटेंट और इंडस्ट्री-केंद्रित रिसर्च लेख तैयार करने में है। वह वर्तमान में Crypto Hindi News में टीम लीड और हेड ऑफ कंटेंट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखनी में एक्यूरेसी, ट्रांसपेरेंसी और रीडर्स को वैल्यू देना सर्वोपरि है। वे ऑन-चेन टूल्स और विश्वसनीय मार्केट डेटा का प्रयोग करते हुए प्रत्येक लेख को फैक्ट-आधारित बनाते हैं। हिंदी भाषी रीडर्स के लिए उनका मिशन है: “हाई-क्वालिटी, फैक्चुअल और यूज़र-फर्स्ट क्रिप्टो कंटेंट उपलब्ध कराना।”

Leave a comment