क्रिप्टो वर्ल्ड में Pi Network एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में, Pi Core Team ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 14 मिलियन Pi Token को एक्सचेंज वॉलेट्स से निकालकर यूज़र्स के कंट्रोल वाले Mainnet Wallets में ट्रांसफर किया है। इस ट्रांसफर का मुख्य मकसद है Decentralization को मजबूत करना और यूज़र्स को उनके टोकन्स पर ज्यादा कंट्रोल देना।
Pi Network एक मोबाइल-बेस्ड क्रिप्टो प्रोजेक्ट है जिसे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रैजुएट्स Dr. Nicholas Kokkalis और Dr. Chengdiao Fan ने शुरू किया था। इस नेटवर्क का उद्देश्य आम लोगों को मोबाइल फोन के माध्यम से Crypto Mining में भाग लेने का अवसर देना है।
हाल ही में, Pi Core Team ने “Grace Period” खत्म होने के बाद, 14 मिलियन Pi Tokens को Pi Network के Mainnet Wallets में सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दिया है। इसका मतलब है कि जिन यूज़र्स ने Pi Network KYC पूरी कर ली थी और अपने Mainnet Wallets एक्टिवेट कर लिए थे, अब उन्हें उनके टोकन्स मिल गए हैं।
Pi Network के हेड ऑफ टेक्नोलॉजी Dr. Nicholas ने इस ट्रांसफर को लेकर चेतावनी भी दी थी:
“Grace Period खत्म होने के बाद, अगर यूज़र अपने टोकन्स को सुरक्षित नहीं करते, तो वह पिछले 6 महीनों में माइन किए गए टोकन्स को छोड़कर बाकी सभी टोकन्स खो सकते हैं।” इसलिए इस ट्रांसफर को यूज़र एजुकेशन और टोकन सिक्योरिटी से भी जोड़ा जा रहा है।
इस ट्रांसफर से कुछ अहम मार्केट इशारे मिलते हैं:
Decentralization की दिशा में बड़ा कदम - अब टोकन एक्सचेंज वॉलेट्स में न रहकर यूज़र्स के खुद के वॉलेट्स में हैं, जिससे Ownership बढ़ी है।
Exchange Listing की उम्मीद बढ़ी - आमतौर पर टोकन ट्रांसफर और KYC पूरी होने के बाद ही प्रोजेक्ट एक्सचेंज लिस्टिंग की ओर बढ़ते हैं।
यूज़र एक्टिविटी बढ़ने की संभावना - जब यूज़र्स को टोकन मिलते हैं, तो वे नेटवर्क में ज़्यादा एक्टिव होते हैं, जिससे Pi का इकोसिस्टम मजबूत होता है।
हालांकि Pi Coin की ट्रेडिंग अभी पब्लिक एक्सचेंजों पर नहीं हो रही है, लेकिन इस तरह की एक्टिविटीज आमतौर पर फ्यूचर प्राइस डिस्कवरी का बेस बनती हैं। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब Pi Coin किसी बड़े एक्सचेंज पर लिस्ट होगा, तो इसकी वैल्यू और डिमाडं में बड़ा उछाल आ सकता है। अन्य प्रोजेक्ट्स जैसे Polygon और Avalanche में जब ऐसे ट्रांसफर हुए थे, तो शुरुआती मार्केट में हलचल ज़रूर देखी गई थी।
हाल ही में Pi Network Ventures Launch की शुरुआत की गई है जिसके Startup में $100M का निवेश किया गया है ये फंड स्टार्टअप्स और बिज़नेस दोनों को सपोर्ट करेगा। इस लॉन्च का उद्देश्य Pi Token को रियल डिजिटल करेंसी बनाना है।
इस ट्रांसफर से संकेत मिलता है कि Pi Core Team अब आने वाले समय में:
Pi Coin को किसी एक्सचेंज पर लिस्ट कर सकती है।
KYC Process को और तेज़ कर सकती है।
यूज़र्स को नेटवर्क एप्लिकेशन में एक्टिव पार्टिसिपेंट्स के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।
14 मिलियन Pi Token का Mainnet ट्रांसफर Pi Network के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह ना सिर्फ़ डिसेंट्रलाइजेशन को मजबूती देता है, बल्कि इससे नेटवर्क में ट्रस्ट और ट्रांसपेरेंसी भी बढ़ती है। निवेशकों और यूज़र्स के लिए यह एक संकेत है कि प्रोजेक्ट धीरे-धीरे अपनी माइनिंग फेज़ से आगे बढ़कर रियल-वर्ल्ड यूटिलिटी और संभावित मार्केट ट्रेडिंग की ओर बढ़ रहा है।
यदि आपने अभी तक Pi Network KYC पूरा नहीं किया है या अपना Mainnet Wallet सेटअप नहीं किया है, तो जल्द ही यह कर लें क्योंकि अगला बड़ा कदम हो सकता है Exchange Listing, जो Pi Coin की वैल्यू को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
यह भी पढ़िए: Texas में Bitcoin Reserve का रास्ता साफ, ये होंगे फायदेआकांक्षा व्यास एक स्किल्ड क्रिप्टो राइटर हैं, जिनके पास 7 वर्षों का अनुभव है और वे ब्लॉकचेन और Web3 के कॉम्पलेक्स टॉपिक्स को सरल और समझने योग्य बनाने में एक्सपर्ट हैं। वे डीप रिसर्च के साथ आर्टिकल्स, ब्लॉग और न्यूज़ लिखती हैं, जिनमें SEO पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि रीडर्स का जुड़ाव बढ़ सके।
आकांक्षा की राइटिंग क्रिएटिव एक्सप्रेशन और एनालिटिकल अप्रोच का एक बेहतरीन मिश्रण है, जो रीडर्स को जटिल विषयों को स्पष्टता के साथ समझने में मदद करता है। क्रिप्टो स्पेस के प्रति उनकी गहरी रुचि उन्हें इस उद्योग में एक अच्छे राइटर के रूप में स्थापित कर रही है।
अपने कंटेंट के माध्यम से, उनका उद्देश्य रीडर्स को क्रिप्टो की तेजी से बदलती दुनिया में गाइड करना है।
Copyright © 2025 Crypto Hindi News. All Rights Reserved.